मेरी जिन्दगी एक किताब है यदि पढ़ सको तो पढ़ लो। कितने अधिक तुफान आए कितने अधिक भूचाल आए।
कितनी बार मन घबराया कोई साथ देने न आया। रिश्ते पराये होते हैं दिल पत्थर हो जाता है।
रात अमावस की होती है दिल उजाड़ हो जाता है। एक सहारा ईश्वर का, जीवन को सरस बनाता है।
दुर्दिन के बादल छटते हैं दिल प्रेम गीत गाता है। डगमग जिन्दगी चलती रही धैर्य का दीप टिमटिमाता है।
कठिन समय बीत जाने पर आकाश का चांद मुस्कुराता है। अब जीवन में स्थिरता आयी, चारों ओर खुशियां छायी।
छवि प्रकृति की मन भायी, अपने साथ उजाला लायी। यही है मेरी जीवन कथा, नहीं है कोई मन में व्यथा।
अब अज्ञात की ओर जाना है, इसे न ले कोई अन्यथा।
Courtesy: Dr Sujiv Sanyal ( from Bakhri Bazar, Begusarai, Bihar) wrote this on 31st Oct 2019. He is an avid reader and a known poet and Popularly known as Sanyal Dr saab in the region.
